पीलीबंगा शमशान भूमि में प्रवेश करना जोखिम भरा
पीलीबंगा शमशान भूमि में प्रवेश करना जोखिम भरा
- लम्बे समय से आर्मी का खाली रैक खड़ा है प्रवेश द्वार के समक्ष
डबली राठान के रेलवे स्टेशन के समीप स्थित शमशान भूमि में अन्य कोई विकल्प नहीं होने के कारण उबड़खाबड़ मार्ग नुकीले पत्थरों के बीच अर्थी लेकर प्रवेश करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। कंधों पर अर्थी लेकर श्मशान भूमि में प्रवेश करने के लिए ग्रामीणों को चार रेलवे लाइनों को पार करना पड़ता है।
समस्या कोई आज कल की नहीं है, वर्षों से ग्रामीण इस त्रासदी से जूझ रहे हैं। कल्याण भूमि सेवा समिति , रेलवे विकास सेवा समिति समस्या हल के लिए काफी प्रयास कर रही है। ग्रामपंचायत भी समय समय पर समस्या हल के लिए प्रयासरत है। लेकिन पिछले दिनों गांव में हुई कुछ मौतें एवं आजकल में भी इस समस्या से दोचार होना बड़ा मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। समस्या उस समय ओर बढ़ जाती है जब चार नम्बर लाइन और प्लेटफार्म नम्बर दो पर आर्मी का खाली रैक हनुमानगढ़ एवं पीलीबंगा की तरफ के आऊटर सिग्नल के मध्य महीना दो महीने खड़ा रहता है, तो मजबूरन अर्थी को आर्मी के खाली रैक के उपर से सीढ़ी आदि लगाकर दूसरी ओर शमशान भूमि प्रवेश करना अति संवेदनशील कार्य होने के बावजूद जान जोखिम में डाल गुजरना पड़ता है।
फोटो 25 पीएलबी 1 आर्मी के खाली रैक के उपर से अर्थी निकालते ग्रामीण।
30-Nov--0001
04:24 PM